जहां संयुक्त परिवार टूटा, वहां कष्ट खड़े हो जाते हैं- साध्वी श्री शाश्वतप्रियाश्रीजी म.सा.

रतलाम। नीम वाला उपाश्रय में चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान लगातार धर्मप्रवाह हो रहा है। शनिवार के प्रवचन में साध्वी श्री शाश्वतप्रियाश्रीजी म.सा. ने संयुक्त परिवारों की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए सभी से संयुक्त परिवार के रूप में रहने का आव्हान किया ।
उन्होंने कहा कि जहां संयुक्त परिवार टूटा, वहां कष्ट खड़े हो जाते हैं। जहां जॉइंट फैमिली है वहां सारी व्यवस्था संभल जाती है। घर के चार लोग अलग-अलग काम संभाल लेते हैं लेकिन एक व्यक्ति सारे काम ठीक से नहीं संभाल पाता। अकेले आदमी को घर से लेकर बाजार तक सारे काम करने पड़ते हैं, जबकि संयुक्त परिवार में पता नहीं चलता।
साध्वीश्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत अपने घर से ही करना है।स्वच्छता नहीं हो तो शरीर में स्वस्थता नहीं होती है, सुस्ती रहती है, मन प्रसन्न नहीं होता है तो पूजा में भाव की वृद्धि नहीं होती। इससे पूजा का जो फल शास्त्रकारो ने बताया है,वह नहीं मिलता है। कोई भाग्यशाली ही होगा जो परमात्मा से जन कल्याण के लिए कामना करता होगा, अन्यथा बाकी सब धन के लिए ही कामना करते हैं।प्रवचन में कई श्रावक श्राविका गण मौजूद रहे ।