स्कीम 51 के दुर्गा माता मंदिर में तुलसी दल एवं पुष्प से 1008 रामार्चना संपन्न
संगम नगर के बगीचे में चल रहे श्रीराम महायज्ञ में यज्ञशाला की परिक्रमा करने पहुंचे रहे दिव्यांग एवं दृष्टिहीन
इंदौर, । स्कीम 51, संगम नगर स्थित मनोकामना पूर्ण दुर्गा माता मंदिर चल रहे श्रीराम महायज्ञ में बुधवार को भी आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक के निर्देशन में 21 विद्वानों ने राम नाम से 41 हजार आहुतियां समर्पित की। इन्हें मिलाकर इस यज्ञ में अब तक 71 हजार आहुतियां संपन्न हो चुकी हैं। इसके अलावा जैसे ही आज 51 हजार आहुतियां पूरी हुई, विद्वान आचार्यों ने राम दरबार में 1008 तुलसी दल से रामार्चना का अनुष्ठान भी पूरा किया।
यज्ञ समिति के संयोजक पं. योगेन्द्र महंत एवं उद्योगपति योगेश मेहता ने बताया कि प्रथम सत्र में सुबह पांच कुंडों पर भगवान श्रीराम के नाम से आहुतियों का सिलसिला शुरू हुआ, जो शाम को दूसरे सत्र के समापन तक 41 हजार आहुतियों तक पहुंच गया। मुख्य यजमान के रूप में अनंत योगेन्द्र महंत ने भी आहुतियां समर्पित की। समाजसेवी विष्णु बिंदल सहित शहर के अन्य गणमान्य श्रद्धालुओं ने भी यज्ञ स्थल पहुंचकर विद्वानों का पूजन किया। आचार्य पं.वैदिक के निर्देशन में पं. नंदकिशोर शास्त्री, पं. भगवानदास शास्त्री, पं. राजेन्द्र शास्त्री, पं. पवन शर्मा एवं अन्य विद्वानों ने राम दरबार में 1008 तुलसी दल एवं पुष्पों से रामार्चना भी संपन्न की। इस अर्चना का प्रसाद के रूप में भक्तों में वितरण भी किया गया। बुधवार को यज्ञशाला में हनुमान चालीसा, रामरक्षा स्त्रोत, पुरुष सूक्त, श्रीसूक्त, गणपति अथर्वशीर्ष के पाठ भी किए गए। यज्ञशाला की परिक्रमा करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु भगवान श्रीराम का चित्र अथवा छोटी प्रतिमा लेकर पहुंचे। परिक्रमा करने वालों में दिव्यांग, दृष्टिहीन एवं विशेष श्रेणी के श्रृद्धालु भी आ रहे हैं।
यज्ञ की पूर्णाहुति 22 जनवरी को ठीक उस समय होगी, जब अयोध्या में रामलला के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। इस दौरान स्कीम 51, संगम नगर में भी आकर्षक आतिशबाजी एवं आकर्षक दीपोत्सव भी मनाया जाएगा। प्रतिदिन यज्ञ के दौरान राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा के 108 पाठ, सुंदरकांड पाठ एवं राम नाम के जाप भी असंख्य श्रद्धालु मनोकामनापूर्ण दुर्गा माता मंदिर पर करेंगे। यज्ञ में पुरुष सुक्त की वैदिक ऋचाओं से विद्वान ब्राह्मण एवं यजमान पांच विविध आकृतियों के आकर्षक कुंडों पर आठ दिनों में 1 लाख 60 हजार आहुतियां प्रभु श्रीरामजी को समर्पित करेंगे।


