एआईओसीडी की आम सभा में हुआ फैसला, मांग पूरी नही तो 1 जनवरी को होगा देशव्यापी हल्ला बोल आंदोलन

एआईओसीडी की आम सभा में हुआ फैसला, मांग पूरी नही तो 1 जनवरी को होगा देशव्यापी हल्ला बोल आंदोलन

*ऑनलाइन दवा बिक्री, प्रीडेट्री प्राइसिंग और नेशनल फार्मेसी कमीशन के प्रस्ताव पर दर्ज कराया विरोध*

*सांसद शंकर ललवानी ने सरकार तक बात पहुंचाने का दिया आश्वासन*

*इंदौर,।* देश भर में दवा बिक्री पर बारीकी से नजर रखने वाली संस्था ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहे इंदौर में अपनी 21वी त्रैवार्षिक सभा का आयोजन किया। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में दो दिन चलने वाली इस आम सभा की शुरुआत शनिवार 16 दिसंबर 2023 को हुई। आम सभा की थीम ‘सक्षम केमिस्ट स्वस्थ भारत’ है जिसका उद्देश्य केमिस्ट वर्ग को सक्षम बनाना है ताकि सबकी सेवा हो सके और मानवता स्वास्थ्य लाभ से अछूती न रहे। आम सभा की शुरुआत कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर एआईओसीडी के पदाधिकारी के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर उत्कल एसोसिएशन द्वारा श्री जे.एस. शिंदे का सम्मान किया गया।

आम सभा में हुई कार्यकारणी की बैठक में ऑनलाइन दवा बिक्री, ई-फार्मेसी द्वारा प्रीडेट्री प्राइसिंग और नेशनल फार्मेसी कमीशन के प्रस्तावित गठन पर एआईओसीडी ने अपना विरोध दर्ज कराया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद श्री शंकर लालवानी के अलावा आम सभा में मध्यप्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री गौतमचंद धींग भी एवं देश भर से आए हजारों केमिस्ट ने हिस्सा लिया। आम सभा में एआईओसीडी ने श्री शंकर लालवानी को अपना मांग पत्र सौंपा।

*एआईओसीडी के अध्यक्ष श्री जगन्नाथ शिंदे ने कहा,* “ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स हर तीन वर्ष में एक आम सभा का आयोजन करता है जिसका उद्देश्य देश में दवाओं पर लागू होने वाली नीतियों और देश भर के केमिस्ट वर्ग पर उनके प्रभाव के बारे में चर्चा की जाती है। आयुर्वेदिक दवाइयों के नाम पर खुले में बिना नियमों के बिक रही एलोपैथिक दवा, ऑनलाइन बिक रही दवाओं पर हम कई बार अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं देती। नेशनल फार्मेसी कमीशन राज्य से संबंध रखने वाली फार्मेसी पेशेवरों के ऑटोनॉमस / डेमोक्रेटिक संस्था स्टेट फार्मेसी काउंसिल को खत्म किया जाएगा। इसमें कम्युनिटी फार्मासिस्टों की बड़ी संख्या को ध्यान में नहीं रखा गया है। हमारी कार्यकारिणी की बैठक में सर्व सम्मति से ये फैसला लिया गया है कि 1 जनवरी 2024 को इस दमनकारी नीति के खिलाफ देशव्यापी हल्ला बोल आंदोलन किया जाएगा। इस बार यह विरोध सभी स्टेट कैपिटल में होगा जहां देश भर के केमिस्ट एक घंटे के लिए घंटा बजाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। अगर इसके बाद भी सुनवाई नहीं की गई तो जिला स्तरीय और तहसील स्तरीय पर इस आंदोलन को जन जन तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं।”

एआईओसीडी के जनरल सेक्रेट्री श्री राजीव सिंघल ने कहा,* “यह आम सभा कई मायनों में ख़ास है। एआईओसीडी का मुख्य उद्देश्य अपने सदस्यों और आम जनता के हितों की रक्षा करना और देश के हर कोने में निर्धारित दरों पर सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली दवाओं के वितरण का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करना है। मैं अपने साढ़े बारह लाख केमिस्ट परिवार की ओर से वर्तमान सरकार के सांसद श्री शंकर लालवानी जी का धन्यवाद देना चाहता हूं, वे हमारे आग्रह पर आए। आपकी सरकार ने हमारा भरपूर सहयोग किया है आशा है हमारे वर्तमान मांग को भी समझेंगे और यथा संभव निर्णय लेंगे। श्री टी. सुधाकर द्वारा चुनाव अधिकारियों द्वारा संस्था के निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की गई एवं पिछले साल की कार्यकारिणी का एक बार फिर ध्वनि मत के माध्यम से चुनाव किया गया है। देश भर के 12 लाख 40 हजार केमिस्ट की आशाएं हम पर टिकी हुई है, हम अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से पालन करेंगे।”

*एआईओसीडी को बधाई देते हुए इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा,* “पिछले साढ़े चार दशकों से जनता की सेवा कर रही है इसके लिए देश भर का पूरा केमिस्ट परिवार बधाई का पात्र है। यह लोग सीधे जनता से जुड़े हुए हैं। यह मेरे लिए सम्मान का विषय है कि मैं इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया। उससे भी ज्यादा गर्व का विषय है कि इंदौर में आयोजन को किया जा रहा है। एआईओसीडी की मांगों को मैने बहुत ध्यान से सुना है। ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ कोर्ट में केस चल रहा है। गलत मूल्यों के लिए मैं माननीय मंत्रीगणों के सामने आपकी बात रखूंगा। मैने एसोसिएशन से मांग पत्र मांगा है लेकिन मैं आपको आश्वासन देता हूं कि मैं संबंधित मंत्रालय तक आपकी बात पहुंचाऊंगा। यह सरकार वन वे नही टू वे सरकार है, आम जन की सरकार है।”