मंदसौर जिले की पारेषण क्षमता को मिली सृदढता* *इंदौर से रिमोट द्वारा 180 किलोमीटर दूर गरोठ में ऊर्जीकृत किया 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर*

इंदौर। एम.पी. ट्रांसको (म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी) ने मंदसौर जिले के 132 के.व्ही. सबस्टेशन गरोठ में 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किया है। इससे मंदसौर जिले की विद्युत पारेषण क्षमता सुदृढ़ हुई है।मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र में कृषि व घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत की बढ़ती मांग के मद्देनजर एम.पी. ट्रांसको ने सबस्टेशन की क्षमता वृद्धि करते हुये 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना कर इसे ऊर्जीकृत किया है। इस ट्रांसफार्मर के स्थापित हो जाने से गरोठ सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 110 एम.व्ही.ए. हो गई है।

मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि लगभग 5.76 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से स्थापित इस ट्रांसफार्मर को इंदौर स्काडा सेंटर से रिमोट टेक्नालॉजी के माध्यम से ऊर्जीकृत करने में सफलता हासिल हुई है।

श्री तोमर ने बताया कि इस क्षमता वृद्धि से मंदसौर जिले की पारेषण क्षमता को सुदृढ़ता प्रदान हुई है, इससे मंदसौर जिले में गरोठ और भानपुरा तहसील से जुड़े 210 गांवों के 55 हजार विद्युत उपभोक्ताओं को काफी फायदा पहुॅचेगा, अब उन्हे उचित वोल्टेज पर गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध रहेगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने इस सफलता के लिये एम.पी. ट्रांसको के कार्मिकों को बधाई दी है।

*मंदसौर जिले में पहली बार रिमोट से हुआ ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत*

एम.पी. ट्रांसको मंदसौर के अधीक्षण अभियंता श्री के . एम सिंघल ने बताया कि इंदौर से एच.एम.आई (हयूमन मशीन इंटरफेस) तकनीक का उपयोग करते हुये कम्प्यूटर का माउस क्लिक कर 180 किलोमीटर दूर गरोठ में इस ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया। मंदसौर जिले में इस तकनीक का उपयोग पहली बार किया गया है। इस तकनीक में मानव और कम्प्यूटर मशीनों के तालमेल से सबस्टेशनों के उपकरणों को नियंत्रित और संचालित किया जाता है।

इंदौर से विनोद गोयल की रिपोर्ट